गायत्री मण्डल की गतिविधियों का संचालन शुरू
पराम्बा गायत्री देवी की कृपा तथा ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल जी के सूक्ष्म सान्निध्य में गायत्री मण्डल की गतिविधियों की नए सिरे से सूत्रपात का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए वेद विद्यालय परिसर में हुई बैठक में इस बारे में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सभी बंधुओं एवं भगिनियों से निवेदन है कि वैदिक शिक्षा और प्राच्यविद्याओं के प्रचार-प्रसार, गौरक्षा एवं पालन तथा संस्कार निर्माण के गुरुकुल के माध्यम से सामाजिक नवचेतना जगाने में भागीदारी निभाने के लिए तन-मन-धन से आगे आएं। गुरुदेव परमपूज्य ब्रह्मलीन ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए हम सभी को मिलजुल कर आगे आने की आवश्यकता है। यह काम हम नहीं तो और कोई करने आने वाला नहीं है। जो कुछ करना है हमें ही करना है। सांसारिक मतभेद और दूरियों को समाप्त कर सामूहिक प्रयासों से ही इस दिशा में कार्य संभव है। जो कुछ अब तक हुआ, उसे विस्मृत करें। नए संकल्पों के साथ आगे आएं।
पराम्बा गायत्री देवी की कृपा तथा ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल जी के सूक्ष्म सान्निध्य में गायत्री मण्डल की गतिविधियों की नए सिरे से सूत्रपात का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए वेद विद्यालय परिसर में हुई बैठक में इस बारे में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सभी बंधुओं एवं भगिनियों से निवेदन है कि वैदिक शिक्षा और प्राच्यविद्याओं के प्रचार-प्रसार, गौरक्षा एवं पालन तथा संस्कार निर्माण के गुरुकुल के माध्यम से सामाजिक नवचेतना जगाने में भागीदारी निभाने के लिए तन-मन-धन से आगे आएं। गुरुदेव परमपूज्य ब्रह्मलीन ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए हम सभी को मिलजुल कर आगे आने की आवश्यकता है। यह काम हम नहीं तो और कोई करने आने वाला नहीं है। जो कुछ करना है हमें ही करना है। सांसारिक मतभेद और दूरियों को समाप्त कर सामूहिक प्रयासों से ही इस दिशा में कार्य संभव है। जो कुछ अब तक हुआ, उसे विस्मृत करें। नए संकल्पों के साथ आगे आएं।


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